नई राह Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 04, 2018 आज़ाद चिड़िया चली है दुसरे छोर, मन को चीरते सवाल है घनघोर, कहते हैं ढूँढा है उसने चितचोर, मगर दिल में उठ रहा क्यूँ शोर, चंचल नहीं फैसला था कठोर, उम्मीद है बाकी आएगी नई भोर, आज़ाद चिड़िया चली है दुसरे छोर | Read more