ग़र मिले मौका
ग़र मिले एक मौका , तुझसे मांगूं बस इतना , कुछ कर ऐसा करिश्मा , एक ही धर्म हो सबका , एक ही जाति के लोग , ना हो भेदभाव कोई , मिलकर रहे हर कोई , इंसानियत का पाठ पढ़ें , मोहब्बत जिसका सार हो , ना रिश्तों में तकरार हो , छोटे बड़े की ना बात हो , हर ओर खुशियों का अंबार हो , ना आतंकवाद का हाहाकार हो , हर तरफ भाईचारे की बात हो , ये छोटी सी ख़्वाहिश है , देखूं ऐसा भी जहां कोई , ग़र मिले एक मौका , तुझसे मांगूं बस इतना ..