क़ीमत
कुछ मांगे मिल जाती हैं , कुछ खोकर लौट आती हैं , कुछ कोशिश से पा लेते हैं , पर कुछ चीज़ें ऐसी भी हैं , जो ज़िन्दगी में कमाई जाती हैं , पैसों से चाहे तुलती हो दुनिया , इज़्ज़त कमानी पड़ती है , झूठे फ़रेब में डूबी हो दुनिया , नहीं सच को झुठला सकती है , विश्वास , निष्ठा , सच , और प्यार , कमाने में सालों लगते हैं , टूटने में पल भर ही सही , जो कमा गया , वो जी गया , वरना बिकने वालों की , कमी कहाँ है दुनिया में ...