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Showing posts from July, 2015

मुट्ठी भर आसमां

दो   पल   की   ये   ज़िन्दगी , पर   ख़्वाब   बहुत   सारे , वक़्त   भी   है   कम , पर   काम   ढेर   सारे .. कश्मकश   ये   कैसी , है   सोच   में   हर   कोई , क्या   करे  .. क्या   ना   करें , भाग   रहा   हर   कोई .. कोई   मंज़िल   के   करीब   है , कोई   ढूंढ़ता   अपने   महल , कोई भटक रहा दर बदर , करने   अपनी   पहली   पहल .. तलाश   है  ' पहचान '  की , हर   शक़्स   को   अपने   नाम   की , मुट्ठी   में   करले   आसमां , हसरत   ये ,  हर   इंसान   की ..

ख़्वाब, हक़ीक़त और ज़िन्दगी

हर ख़्वाब को हक़ीक़त नहीं मिलती , हर हक़ीक़त ख़्वाब से नहीं मिलती , ज़िन्दगी फिर भी खूबसूरत है खुद में , ये बेवजह हर किसी को नहीं मिलती .. मिली है जो , गुनगुना लो इसे , सतरंगी ख़्वाबों से सजा लो इसे , पूरे होंगे वो , मुस्कुरा लो ज़रा , ज़िन्दगी को खुद में बसा लो ज़रा ..

मतलब के यार

जब तक थे काम के , पूछा हर किसी ने , वक़्त जो दिया खुदको , सब बेगाने हो गए .. पहले मीठे बोल थे , अब ताने हो गए , अपना जो कहते थे , अब पराये हो गए .. ये सच है सदा से , हर चेहरे पर मुखौटा है , जो ज़रूरत देख बदलता है , पर दिल तो आखिर बच्चा है .. सच को ये मानता नहीं , बहलाता है खुद को ही , फिर एकबार टूटने को , जोड़ता है खुद को ही .. उम्मीद ... कोई मिले ऐसा , जो हो मुझ जैसा , पिरो सकूँ माला में अपनी , एक दोस्त तुझ जैसा ..

मन की बात

ना बोल हैं कहने को , ना शब्द हैं लिखने को , पर कुछ भार सा है अंदर , चुप है , खामोश है , दब रहा अंदर ही अंदर , पर जीने की आस है , प्यार का अहसास है , शायद वक़्त कुछ ख़राब है , या मौसम का मिजाज़ है , ये शाम ढलने को है , मुरझाई उम्मीदें भी , नए सवेरे का इंतज़ार , नयी उमंगों की बौछार , बदलेगा ये वक़्त अब , कहता ये दिल बार बार , छटेंगे निराशा के बादल , खुलेगा आशाओं का क्षितिज , भोर की सुनहरी किरण , करेगी नए सफ़र का आगाज़ !