बाबा साहेब- महानायक
छुटपन अंधकार में गुज़ारा, बेआवाज़ को दिया उजियारा, क़िताबों की रोशनी से, कुरीतियों को कटघरे में उतारा, देखा जब वर्णों का बंटवारा, ऐसी सोच को सिरे से नकारा, समाज को जोड़ा, बुराई को तोड़ा, संपूर्ण देश का चरित्र सँवारा, रीति-नीति को बदलकर आपने, एकता के रूप में संविधान को सकारा।