आदत

कुछ ख़ास है उसकी,
शक़्सियत में वो आदत,
दूर जितना जाओ,
वो अपना बना लेती है,
हर मुलाक़ात में,
हाथों में हाथ रखकर,
मुझको समझाना,
भरोसा दिलाना,
प्यार से मनाना,
मुझे देख मुस्काना,
हाँ में हाँ मिलाना,
हर शिकवे भूल जाना,
हर बात पे हँसाना,
कभी बातें बनाना,
कभी घूमना घुमाना,
उसकी आदत ज़रा सी,
है मेरी राहत ज़रा सी..

Comments

Popular posts from this blog

एकांत

बाबा साहेब- महानायक