अकेलापन एकांत ज़रूर है, किसी के लिए आरंभ है, अनंत सा, किसी के लिए जीवन अन्त सा । ख़ुद को जानने का मौका है, ख़ुद को मिटाने का कारण भी, आध्यात्म से जुड़ने का रास्ता भी । एकाकीपन में एकांत एक अवसर है, अहम से जीवन संवाद का, उत्सव है ख़ुद से ख़ुद के मिलाप का ।
छुटपन अंधकार में गुज़ारा, बेआवाज़ को दिया उजियारा, क़िताबों की रोशनी से, कुरीतियों को कटघरे में उतारा, देखा जब वर्णों का बंटवारा, ऐसी सोच को सिरे से नकारा, समाज को जोड़ा, बुराई को तोड़ा, संपूर्ण देश का चरित्र सँवारा, रीति-नीति को बदलकर आपने, एकता के रूप में संविधान को सकारा।
So Beautifully Written! Amazing work.
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