नई राह
आज़ाद चिड़िया चली है दुसरे छोर,
मन को चीरते सवाल है घनघोर,
कहते हैं ढूँढा है उसने चितचोर,
मगर दिल में उठ रहा क्यूँ शोर,
चंचल नहीं फैसला था कठोर,
उम्मीद है बाकी आएगी नई भोर,
आज़ाद चिड़िया चली है दुसरे छोर |
मन को चीरते सवाल है घनघोर,
कहते हैं ढूँढा है उसने चितचोर,
मगर दिल में उठ रहा क्यूँ शोर,
चंचल नहीं फैसला था कठोर,
उम्मीद है बाकी आएगी नई भोर,
आज़ाद चिड़िया चली है दुसरे छोर |
Waoooo nyc lines these lines dedicated to tanu
ReplyDeleteWonderful lines!! I like very much😍👍🏻
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