ये दुनिया बदनाम है

जो बनाई खुदा ने,
ये नहीं वो दुनिया,
यहाँ इंसानों का जंजाल है,
साज़िशों की भरमार है,
हर चेहरे पे नक़ाब है,
एक दूजे के गुनहगार है,
नफ़रत, झूठ, धोखा हर तरफ,
भिन धर्मों का मायाजाल है,
आतंक की हैवानियत के आगे,
आज इंसानियत शर्मसार है !

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