हंगामा जो ये बरपा

खाने खिलाने की बात पर,
हंगामा जो ये बरपा,
कुछ रूठ गए हमसे,
वो छूट गए जिनके,
कुछ ने मोर्चा है पकड़ा !

धर्म के नाम पर,
ये कैसी चल रही सियासत,
भेदभाव की छोटी सोच ने,
है इंसानियत को जकड़ा !

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